
उत्तर प्रदेश पंचायत चुनावों का स्टेटस एक्टिव पोलिंग के बजाय एडमिनिस्ट्रेटिव तैयारी और कानूनी ज़रूरतों पर फोकस्ड है। हालांकि पहले चुनाव अप्रैल-मई 2026 के बीच होने की उम्मीद थी, लेकिन हाल के डेवलपमेंट से टाइमलाइन में संभावित बदलाव के संकेत मिलते हैं:
वोटर लिस्ट रिवीजन: इलेक्शन कमीशन ऑफ़ इंडिया ने हाल ही में UP में वोटर रोल के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के शेड्यूल में बदलाव किया है। अब वोटर रोल का फाइनल पब्लिकेशन 6 मार्च 2026 तक होने की उम्मीद है।
OBC रिज़र्वेशन की रुकावट: एक डेडिकेटेड OBC कमीशन बनाने को लेकर एक बड़ी कानूनी और प्रोसेस से जुड़ी रुकावट सामने आई है। राज्य सरकार ने हाल ही में इलाहाबाद हाई कोर्ट को बताया कि चुनाव शुरू होने से पहले “रैपिड सर्वे” करने और सीट रिज़र्वेशन तय करने के लिए एक नया कमीशन बनाया जाना चाहिए।
संभावित पोस्टपोनमेंट: सेंसस डेटा और रिज़र्वेशन प्रोसेस में देरी के कारण, यह अंदाज़ा लगाया जा रहा है कि चुनाव 2027 के असेंबली चुनाव के बाद तक पोस्टपोन हो सकते हैं। हालांकि, पंचायती राज मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने कहा है कि सरकार का मकसद इन्हें समय पर कराना है।
अभी की तैयारी: स्टेट इलेक्शन कमीशन (SEC) बैकग्राउंड का काम जारी रखे हुए है, जिसमें वार्ड डिलिमिटेशन के लिए ऑर्डर जारी करना और उम्मीदवारों के लिए नॉमिनेशन फीस और खर्च की लिमिट तय करना शामिल है।
ऑफिशियल कन्फर्मेशन: आज तक, 2026 के पंचायत चुनावों के लिए वोटिंग की कोई खास तारीखें अनाउंस नहीं की गई हैं।
चुनाव खर्च और फीस: SEC ने अलग-अलग पोस्ट के लिए ऑफिशियली नॉमिनेशन फीस और खर्च की लिमिट तय कर दी है, ताकि यह पक्का हो सके कि मार्च में वोटर लिस्ट पब्लिकेशन के बाद नोटिफिकेशन जारी होने पर तैयारी पूरी हो।